जुर्माने क डर से इस शहर में बने 12 दिन में 3000 ड्राइविंग लइसेंस

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भोपाल। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में हर महीने 3000 से 3500 लोग आरटीओ में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आते थे। वहीं एक से 12 सितंबर तक ही तीन हजार लाइसेंस बन गए हैं। दरअसल, बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाने पर जुर्माना एक हजार से बढ़ कर 5 हजार रुपए होने के कारण बड़ी संख्या में लोग लाइसेंस बनवाने आरटीओ पहुंच रहे हैं।

स्थिति यह है कि आरटीओ में लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों की कतार लग रही है। वहीं आरटीओ में लोग ऑफलाइन भी लाइसेंस का आवेदन कर सकें, इसके लिए शुक्रवार को कैश काउंटर खुला रहेगा। ऐसे में आरटीओ में लोगों की भीड़ बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। भले ही अभी राज्य शासन ने एक सितंबर से लागू हुए केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट (अमेंडमेंट)-2019 को मप्र में लागू नहीं किया है। फिर भी लोग आगामी दिनों में जुर्माने से बचने के लिए लाइसेंस बनवा रहे हैं।

आरटीओ संजय तिवारी ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने लोगों की बढ़ी संख्या चलते लर्निंग लाइसेंस शाखा के अलावा ऑनलाइन आवेदनों की जांच करने से अलग से दो काउंटर बनाए गए हैं। चार से पांच कर्मचारियों को अलग से व्यवस्था में लगाया गया है। वहीं स्मार्टचिप कंपनी के भोपाल आरटीओ प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि चालान नियमों में हुए बदलाव के कारण लाइसेंस बनवाने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है। महज 12 दिनों में करीब तीन हजार लाइसेंस बनाए गए हैं,जो एक महीने में बन पाते थे।

40 फीसदी हुई लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या

आरटीओ में एक से 12 सितंबर तक रोजाना 250 लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। इस हिसाब से 12 दिन में ही तीन हजार लाइसेंस बन गए। इनमें 60 प्रतिशत पुस्र्ष व 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। परिवहन विभाग की ओर से महिलाओं के नि:शुल्क लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। ऐसे में महिलाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। महिलाओं के लिए सोमवार से एक अलग काउंटर शुरू किया जा सकता है।
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