दिवाली से कुछ दिन पहले RBI दे सकती है सस्ते लोन का गिफ्ट,जानिए कैसे
दिवाली से पहले देश की जनता को सस्ते लोन का गिफ्ट मिल सकता है। रिजर्व बैंक एक बार फिर रेपो रेट में कटौती कर सकता है, जिसकी बदौलत बैंकों के लोन सस्ते हो जाएंगे।
ज्यादातर बैंकों ने अपनी-अपनी ब्याज दरें रेपो रेट से लिंक कर दिया है। ऐसे में रेपो रेट घटते ही लोन की ब्याज दरें कम हो जाएंगी। इस हिसाब से रेपो रेट में यदि एक बार और कटौती की जाती है, तो मौजूदा लोन की ईएमआई यानी होम, ऑटो या पर्सनल लोन की हर महीने जाने वाली किस्तें घट जाएंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा कीमतों के हिसाब से महंगाई दर आगे भी रिजर्व बैंक के लक्ष्य के दायरे में रहने की संभावना है। इस वजह से आरबीआई के पास नीतिगत ब्याज दरों में एक बार और कटौती की गुंजाइश है। इसके अलावा लगातार सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को सहारा देने में कम ब्याज दरें मददगार साबित होंगी। रिजर्व बैंक 4 अक्टूबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के फैसलों की घोषणा करेगा।
ब्रोकरेज कंपनियों का अनुमान
घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज कंपनियों का अनुमान है कि महंगाई नियंत्रण में रहने और औद्योगिक उत्पादन की वृद्घि दर सुस्त पड़ने की वजह से केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति का रुख और नरम कर सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के दौरान रिटेल में महंगाई दर मामूली बढ़कर 3.21 फीसदी रही, जो जुलाई में 3.15 फीसदी थी। रिजर्व बैंक ने मध्यम अवधि के लिए महंगाई दर का लक्ष्य 4 प्रतिशत रखा है।
रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत तक की कटौती मुमकिन
नोमुरा का रिसर्च नोट
जापान की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नोमुरा के एक रिसर्च नोट में कहा गया है कि महंगाई के मामले में करीब-करीब स्थिरता और औद्योगिक उत्पादन सुस्त पड़ने की वजह से अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरें घटाई जा सकती हैं। नोट में कहा गया है, 'हमारा अनुमान है कि चौथी तिमाही में कुल मिलाकर नीतिगत दरों में 0.40 प्रतिशत कटौती की जाएगी।'
बोफाएमएल का अनुमान
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) के अनुसार, निवेश को प्रोत्साहन के लिए वास्तविक बयाज दरें नीचे लाना जरूरी है। रिजर्व बैंक को नीतिगत दरों में और कटौती करनी होगी। बोफाएमएल के रिसर्च नोट में कहा गया है कि आगामी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में 0.50 फीसदी कटौती की गुंजाइश बनती है। अगस्त में महंगाई दर उम्मीद से कम 3.2 फीसदी रही, लिहाजा नीतिगत दरों में और कटौती की संभावना है।
कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट
घरेलू ब्रोकरेज कंपनी कोटक सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में नीतिगत ब्याज दरें 0.75 फीसदी तक घटाएगी। अक्टूबर में रेपो रेट 0.40 प्रतिशत घटाया जा सकता है।
ज्यादातर बैंकों ने अपनी-अपनी ब्याज दरें रेपो रेट से लिंक कर दिया है। ऐसे में रेपो रेट घटते ही लोन की ब्याज दरें कम हो जाएंगी। इस हिसाब से रेपो रेट में यदि एक बार और कटौती की जाती है, तो मौजूदा लोन की ईएमआई यानी होम, ऑटो या पर्सनल लोन की हर महीने जाने वाली किस्तें घट जाएंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा कीमतों के हिसाब से महंगाई दर आगे भी रिजर्व बैंक के लक्ष्य के दायरे में रहने की संभावना है। इस वजह से आरबीआई के पास नीतिगत ब्याज दरों में एक बार और कटौती की गुंजाइश है। इसके अलावा लगातार सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को सहारा देने में कम ब्याज दरें मददगार साबित होंगी। रिजर्व बैंक 4 अक्टूबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के फैसलों की घोषणा करेगा।
ब्रोकरेज कंपनियों का अनुमान
घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज कंपनियों का अनुमान है कि महंगाई नियंत्रण में रहने और औद्योगिक उत्पादन की वृद्घि दर सुस्त पड़ने की वजह से केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति का रुख और नरम कर सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के दौरान रिटेल में महंगाई दर मामूली बढ़कर 3.21 फीसदी रही, जो जुलाई में 3.15 फीसदी थी। रिजर्व बैंक ने मध्यम अवधि के लिए महंगाई दर का लक्ष्य 4 प्रतिशत रखा है।
रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत तक की कटौती मुमकिन
नोमुरा का रिसर्च नोट
जापान की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नोमुरा के एक रिसर्च नोट में कहा गया है कि महंगाई के मामले में करीब-करीब स्थिरता और औद्योगिक उत्पादन सुस्त पड़ने की वजह से अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरें घटाई जा सकती हैं। नोट में कहा गया है, 'हमारा अनुमान है कि चौथी तिमाही में कुल मिलाकर नीतिगत दरों में 0.40 प्रतिशत कटौती की जाएगी।'
बोफाएमएल का अनुमान
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) के अनुसार, निवेश को प्रोत्साहन के लिए वास्तविक बयाज दरें नीचे लाना जरूरी है। रिजर्व बैंक को नीतिगत दरों में और कटौती करनी होगी। बोफाएमएल के रिसर्च नोट में कहा गया है कि आगामी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में 0.50 फीसदी कटौती की गुंजाइश बनती है। अगस्त में महंगाई दर उम्मीद से कम 3.2 फीसदी रही, लिहाजा नीतिगत दरों में और कटौती की संभावना है।
कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट
घरेलू ब्रोकरेज कंपनी कोटक सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में नीतिगत ब्याज दरें 0.75 फीसदी तक घटाएगी। अक्टूबर में रेपो रेट 0.40 प्रतिशत घटाया जा सकता है।
