आशा कार्यकर्ताओं ने सीखे जन्मजात विकृति एवं हृदय रोग पहचानने के गुर

शिवपुरी,  विभिन्न प्रकार की विकृति के साथ जन्म लेने वाले बच्चों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर गुर सीखें। जिसमें हृदय रोग की पहचान के तरीके भी सिखाए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.ए.एल.शर्मा ने बताया एक वर्ष में जीवित जन्म लेने वाले नवजातों में से लगभग 6 प्रतिशत शिशु जन्मजात विकृति के साथ जन्म लेते है। ऐसे बच्चों के उपचार के लिए सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 11 हजार रूपए से 6 लाख 50 हजार रूपए तक के बजट का प्रावधान किया गया है। जिससे न्यूरल टयूब डिफेक्ट, हृदय रोग, श्रवण रोग, नेत्र रोग, कटें-होंट व तालू, क्लब फुट, कुल्हे न बनना आदि रोगों का उपचार निःशुल्क कराया जाता है। इसके बावजूद उपचार के अभाव में अभी भी कई बच्चें मृत्यु का शिकार हो जाते है। श्री शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विकासखण्ड स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसमें रोगों की पहचान और उन रोगों में बचाव के लिए माता-पिता को दी जाने वाली सलाह के बारे में भी बताया जाता है।
इसी क्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ.संजय ऋषीश्वर, आरबीएसके प्रभारी डीईआईएम श्री अखिलेश शर्मा, जिला कम्यूनिटी मोबलाईजर आनंद माथुर ने रीढ की हड्डी में फोडे से लेकर हृदय रोग की पहचान करने के तरीकों के विषय में करैरा, कोलारस, बदरवास, पिछोर, खनियांधाना, पोहरी व सतनवाड़ा विकासखण्ड में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

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