भारतीय समुदाय उतरा खालिस्तानियों के विरोध में,शान से लहराया तिरंगा,देखिये खबर

नई दिल्ली : कनाडा और लंदन में शनिवार को भारतीय वाणिज्यिक दूतावास के बाहर खालिस्तानी समर्थकों ने प्रदर्शन किया.हालांकि इन प्रदर्शनों में बेहद कम लोग जुटे हैं. प्रदर्शनकारियों के सामने बड़ी संख्या में भारतीय भी तिरंगा लेकर खड़े थे.कनाडा के टोरंटो में खालिस्तानी रैली के खिलाफ बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग स्वस्फूर्त होकर अनोखे तरीके से भारत के प्रति अपने देशप्रेम के जज्बे को प्रदर्शित किया.भारत के समर्थकों ने पूरे जोश के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया और भारत माता की जय, हर-हर महादेव, वंदे मातरम और जय हिंद जैसे नारे लगाए.परिणाम स्वरूप महज मुट्ठी भर खालिस्तान समर्थकों का विरोध प्रदर्शन बहुत नीरस साबित हुआ. दूसरी ओर भारतीय समर्थक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और पूरे जोश के साथ भारत का जमकर सपोर्ट किया. भारत के समर्थन में बड़ी संख्या में लोगों को देखकर खालिस्तान समर्थक प्रदर्शन स्थल से पीछे हटते भी दिखे.ज्ञात हो कि आज भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर भारत विरोधी प्रदर्शन में हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने दो खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों को पकड़ लिया. लगभग 200 खालिस्तान समर्थक दूतावास की इमारत के सामने वाली सड़क पर जमा हुए थे. अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस द्वारा सपोर्टिव इस विरोध को ‘किल इंडिया’ पोस्टरों के ऑनलाइन प्रचार के बाद किया गया था.इस बार खालिस्तान समर्थक समूह के सामने भारत समर्थक प्रदर्शनकारियों आ खड़े हुए और भारत विरोधी नारों का विरोध किया गया.खालिस्तान समर्थक समूह ने मोर्चाबंदी तोड़ने और भारत समर्थक दल पर हमला करने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें पीछे धकेल दिया और आगे बढ़े एक व्यक्ति को जमीन पर गिरा दिया गया और उसे काबू में कर पुलिस अपने साथ ले गई.वहीं एक दूसरे शख्स को पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में पकड़ा गया. बाद में चेतावनी देकर इन्हे छोड़ने की ख़बर हैं.

एक भारतीय एकता समर्थक प्रदर्शनकारी ने कहा

“हम खालिस्तानियों के विरोध में खड़े रहे और वहां से नहीं हिले खालिस्तानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं का उल्लंघन करते रहते हैं.”

लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर शनिवार को खालिस्तान समर्थकों के विरोध प्रदर्शन में बहुत कम लोग शामिल हुए.रैली में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी और बर्मिंघम में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. शशांक विक्रम की तस्वीरों के साथ हिंसा के लिए उकसाने वाले विवादास्पद पोस्टरों का इस्तेमाल किया गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे,प्रदर्शन काफी जल्द खत्म हो गया.इस सप्ताह की शुरुआत में खालिस्तानी चरमपंथियों की ओर से भारत विरोधी पोस्टर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने के बाद ब्रिटेन सरकार ने घोषणा की थी कि लंदन में भारतीय उच्चायोग पर कोई भी हमला अस्वीकार्य है.

बता दें कि इससे पहले 'खालिस्तान स्वतंत्रता रैली' के पोस्टर ने ओटावा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और टोरंटो में महावाणिज्य दूत अपूर्व श्रीवास्तव को खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर के "हत्यारे" कहकर पूरे भारत में आक्रोश फैला दिया था.

बता दें कि यह एक महीने बाद हुआ जब खालिस्तानियों ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की एक झांकी लगाई, जिसमें उनके कपड़ों पर खून लगा था और एक पोस्टर लगा था, जिस पर लिखा था, "श्री दरबार साहिब पर हमले का बदला".

विदित हो कि केंद्र सरकार ने कनाडा में हुई इस घटना को लेकर नई दिल्ली में कनाडा के राजदूत को सोमवार को तलब किया और कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर डिमार्शे जारी किया है. फिलहाल, कनाडा में भारतीय तिरंगा शान से लहराता हुए देखा गया. हालांकि, इस तरह के घटनाक्रमों पर एनआईए की भी पूरी नजर है. एनआईए ने अब तक 6 देशों में शिकंजा कसा है. ऐसे लोगों की हिट लिस्ट भी तैयार की गई है. उसमें सबसे ऊपर SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम भी शामिल है. पन्नू समेत अन्य खालिस्तान समर्थकों पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर है. 

उल्लेखनीय हैं कि इससे पहले भी  भारतीय समुदाय जिनमें बड़ी संख्या में सिख समुदाय के भी भारतीय शामिल हैं सभी ने एकजुट होकर खालिस्तानी समर्थको का विरोध किया है. ताकि ये संदेश जा सके कि विदेशों में जो सिख कम्युनिटी है, उनमें सभी खालिस्तान समर्थक नहीं है.यही वजह है कि आज के भारत की एकता के पक्षधर भारतीय समुदाय जो पोस्टर लेकर पहुंचे थे, उनमें साफ लिखा भी है- 'हर कोई खालिस्तानी नहीं है'.

Next Post Previous Post
No Comment
Add Comment
comment url

sr7themes.eu.org